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Thursday, 22 December 2011

Eyes

When in extreme pleasure or pain,
When emotions are copious,
The lips wont express,they may seal
For words then become superfluous,
Don't be presumptuous,
Look into the deep eyes,
For they would never conceal,
Without words they would reveal,
What in depth of heart lies,
Going through intense agony 
or  riding the pleasure wheel.
Love ,hate,anger,despair
trust,lust or care
Read them carefully ,
They reflect what the heart feels.



Source: Google Images




~deeps

Monday, 12 December 2011

आशियाना दिल का

 हमारे लिए जगह नहीं जिनके आशियाने में,
उनके लिए दिल में हमने प्यार-भरा आशियाना  बनाया ,
हसीन यादों का उसमे एक कमरा बनाया ,
बीतती है हर शाम उसी कमरे में,
जो मिलते नहीं कभी ,मिल लेती हूँ उन्हें सपने में 

उस आँगन में रोज़ सुनहरी धुप खिलती है,
शामे रंगीन सपनो से सजती हैं,
बड़ा खुबसूरत है दिल का आशियाना हमारा
जिसकी हर रात प्यार में ढलती हैं 

उन्हें अभी हमारे प्यार की कदर नहीं ,
और इस बात का भी हो रहा हमपर असर  नहीं ,
हम तो अपने हसीं ख्वाबों से उस आशियाने को सजा रहे हैं ,
जो आयेंगे नही उनके इंतज़ार में रात-दिन पलके बिछा रहे हैं .

Source: google images


 ~deeps

Saturday, 10 December 2011

अंदाज़-ए-इश्क

अंदाज़-ए-इश्क 

दिल में चुपके से बस जाता है,
आँखों से छुपकर झाँकता है वो,
अंदाज़-ए-इश्क कुछ ऐसा हीं  होता है.
बस जुबाँ पर आने से कतराता है.

कभी दिल में शोर मचाता है,
कभी उसे हीं विरान कर जाता है,
अंदाज़-ए-इश्क कुछ ऐसा हीं  होता है.
खुद मचलता है ,दुसरे पल में संभलता है.

धीरे-धीरे दबे पाँव  आता है,
संग ख्ह्वाहिशों का कारवां लाता है,
अंदाज़-ए-इश्क कुछ ऐसा हीं  होता है.
हर पल नए ख्वाबों को संजोता है.

जिसे अपना आशियाना बनाता है,
उस दिल के कभी टुकड़े कर जाता है,
अंदाज़-ए-इश्क कुछ ऐसा हीं होता है.
दर्द दे या ख़ुशी, लब्ज़ों में न वो बयाँ होता है.


 .~deeps

Friday, 9 December 2011

Humsafar

हम  किस दर्द में जीं रहें ,हमदर्द को खबर नहीं  ,
हमारे आंसुओं का भी होता अब उनपे असर नहीं .
राह उनकी देखती हैं अब भी ये आँखें,
हम राह में हैं अकेले, हमराह संग राह में नहीं.

दो कदम भी जो हमारे साथ नहीं चल सकते .
उन्हीं के यादों में हम हैं हर पल जलते,
हैं इस दिल को शायद अब भी कोई आस,
जो दूर गये हैं हमसे, कभी तो आयेंगे पास.

शायद उन्हें हमारे प्यार की कदर नहीं,
या कहीं हम में ही सब्र नहीं,
इस दिल को तो  अभी नहीं होता ये यकीं,
हमसफ़र सफ़र में यूँ छोड़ चल देंगे कहीं .

Source: Google images

















Wednesday, 16 November 2011

तू हीं तू

 तू हीं  तू

शीशे में भी अक्स तेरा हीं  दीखता है,
मेरे  ज़हन में बस  तू हीं तू है,
मेरे रूह में भी तू बसता है ,
बस अब तेरी ही आरज़ू है,


हर लम्हा जिक्र है तेरा ,
हर अलफ़ाज़ में तू हीं तू है,
इस कदर असर है तेरे इश्क का,
मेरे हर ज़ज्बात में बस तू हीं तू है.


जागती आँखों में भी तू है ,
सपनो की रातों में भी बस तू है 
ख्वाबों का सिलसिला भी तुझसे हीं शुरू होता है ,
इन साँसों की आखिरी ख्वाहिश भी बस तू है .


तुझसे ये बयां न कर सकूं ,
कहूँ तो भी कैसे कहूँ ,
क्यों है फ़ासले दरमियाँ ,
तेरे बिन अब जियूँ तो कैसे जियू


Source: Google images
~deeps

Thursday, 10 November 2011

ufffff...Ye Pyaar

उफ़ ..!ये प्यार 

ये प्यार का सिलसिला भी अजीब होता  है,
दूर होकर  भी कोई दिल के करीब होता है .
किसी के इंतज़ार में उल्लू की तरह जागती हैं आँखें ,
जब सारा ज़माना चैन की नींद सोता है.

अपनी धडकनों पर हीं अपना बस नहीं  होता ,
 किसी और के लिए हर पल बेचैन होता है
एक सवाल का तो जवाब नही मिलता और,
हज़ारो सवाल खुद खड़े कर  दिल परेशां होता है .

दूरियों में भी नजिदिकियों का एहसास होता है,
न जाने कोई क्यों इतना खास होता है,
इस मोहब्बत  के रास्ते में जनाब,
दर्द का आलम बेहिसाब होता है,

तन्हा न होकर भी तन्हा होते हैं ,
ज़िन्दगी यूँ उलझी रहती हैं ,
खुद की कोई खबर ही नहीं रहती ,
जाने किन खयालो में हर वक़्त खोए होते  हैं ,

मिलता है वही जो नसीब में होता है,
जान के दिल इससे अंजान होता है,
बेवजह आंसू बहाकर, किसी के दर्द में रोता है,
उफ़ ..!ये प्यार का सिलसिला भी अजीब होता है.

Source:Google images
  
~deeps



Monday, 31 October 2011

Speechless

Speechless


Source:Google Images

It felt like a long painful wait,
Finally the day came,though very late.
A tough fight between me and my fate.
It was almost six months ,that we met.

So many nights were sleepless,
Without you , I was so restless.
Though I was living, but as if lifeless.
Everything looked to me meaningless.

We used to talk a lot .
Even when we were far apart,
But when my eyes met yours,
I was unable word my thought.

Speechless I was,Silence made its way ,
Only did the hearts commune.
felt like a river shimmering ,
by the silver light of moon.

I was lost in your eye's radiance,
brightening up in love's ambiance.
Your kiss, your gentle stare.
filled me with sheer happiness.
loved the way you showed care.

I loved the warmth of your touch
Not in words I could ever.
explain to you ,or show you
That I love you so much.

My love for you is sincere and pure,
It is eternal ,all the tests it will endure.
Like a pearl in lying in a shell.
deep in my heart you dwell.

~deeps


Wednesday, 26 October 2011

Amaawas

अमावस

आज न खुशियों की धुप हीं खिली,
न आँगन में हमारे,
प्यार की बरसात हीं हो पायी.
तारों  से सजा है आसमान,
पर चाँद की चांदिनी
न बिखर पायी,
अमावास की रात काली,
जीवन में भी अँधेरा ले आई.


दीये तो जला लिए,
पर रौशन ये रात 
फिर भी न हो पायी,
किसी के इंतज़ार में ,
फिर ये आँखे सो न पायी .
छोटी -सी एक मुलाकात तो हुई,
पर दिल से दिल की,
फिर भी बात न हो पायी,
सजा लिया अपने  घर को ,
दिल का सूनापन न हटा पायी.

बेसब्र दिल से बेखबर,
वो रहे,और इधर,
मुस्कुराने की चाह में,
आँखे जाने क्यों छलक आयीं .
अधूरे रह गये फिर हम,
अधूरी बाते आज भी ,
फिर  पूरी न हो पायीं.

Source: Google Images


~deeps











Saturday, 22 October 2011

Winter morning.

Winter morning.

On a hazy winter morning,
like the sun rays,
silently making their way,
piercing  the cottony clouds,
Falling upon the morning dew,
bathing all in golden hue.

On a cold winter day,
somewhere far away ,
In the land of valley and hills 
climbing down ,steady and  slow
like the clouds,
embracing the mountains,
wrapped in sheet of white snow.

On such a calm winter morning,
trying to open my eyes,
rubbing them for clear  view.
Silently some memories,
make their way ,
bringing with them ,
moments spent with you,
brightening me up.
making my day.

Source: Google images

~deeps




Saturday, 8 October 2011

Jaane Kyu.......

जाने क्यों  ......

कभी तन्हाई में,
जब हो चारो ओर हो सन्नाटा,
ख़ामोशी की चादर ओढ़े हो हर दिशा,
जाने क्यों फिर भी दिल में इतना शोर होता है.

ज़िन्दगी की राह से,
जो चुने थे कुछ सुनहरे लम्हों के मोती ,
पिरोकर जिन्हें यादो की खुबसूरत माला थी बनायीं,
जाने क्यों उन्हें ही याद करके, दिल में इतना दर्द होता है.

रंगीन तितलियों की तरह ,
जो हसीं सपने थे आँखों में सजाये,
जिनके पीछे भाग-भाग के कितनी  शामें  बिताई,
जाने क्यों उनके पुरे होने पर भी ये आँखे भर आयीं .

कभी लोगों के चहेरे को ,
प्यारी-सी हसीं से सजाने के  के लिए ,
खुद होठो पर मुस्कान लिए,कितनी नादानियाँ ये दिल करता है,
जाने क्यों फिर ये दिल सबसे से छुप कर ,अकेले में रोया करता  है.

कितने ही हैं आस-पास ,
फिर भी क्यों होता है कभी अकेलेपन का एहसास,
रिश्तों की भीड़ में  भी क्यों एक डर- सा रहता है,
जाने क्यों फिर ये दिल  हर पल किसी अपने को ढूंढ़ता है .

वक़्त हर पल बदलता है ,
और इसके साथ कुछ लोग , कुछ रिश्ते भी बदल जाते हैं,
 जानता है दिल ,मिलने के बाद कभी बिछुड़ना भी पड़ता है ,
जाने क्यों फिर भी किसी की जुदाई से ,इतना  दिल ये तड़पता है.

क्यों भागी ऐसे सपनो  के पीछे 
कि छोटी-छोटी खुशियों को भी जी  न पायी 
जाने क्यों  कभी इन सवालों के जवाब मैं नहीं  ढूंड पायी .

~deeps



Tuesday, 27 September 2011

Kabhi yun chup na rhna..


Source:Google Images


कभी यूँ  चुप न रहना  

जाने क्यों बीती बातों पे दिल ये रोता है?
टूटे हुए सपनो को फिर से दिल संजोता है.
जानती हूँ  कभी मुझसे भी गलतियाँ होती हैं ,
पर उनपे  खुद मेरी आँखें भी रोती हैं ,
फिर क्यों तू मेरा होकर भी तू ,
हर बार ,मुझसे ही रूठ जाता है,
खुद से मुझको क्यों फिर तू,
जुदा कर, यूँ तन्हा कर जाता है.

तेरी हसी में हीं हर  बार मैंने ,
अपनी ख़ुशी को पाया है, 
कभी सिर्फ तेरे लिए
अपने  दर्द को हमने,                                                   
मुस्कुराहटो में छुपाया है.
जब कभी हमारी  ,
दूरियों के एहसास  ने ,
हमे तड़पाया है,
तेरी एक आवाज़ ने ही  तो
एक पल में ही ,सारे
 फासलों को मिटाया है 

अनजाने में जो कभी ,
मैंने तुझे दर्द दिया है,
उस दर्द के प्यालों  से ,
 हमने भी तो कुछ घूँट पिया है,
तेरे साथ बिताये कुछ लम्हों में ही तो ,
हमने अपनी हर खुशियों को जिया है.
कभी पुरे दिन तेरी यादों में हम मुस्कुराए,
कई रातो को आसुओं भरे करवटों में गुज़ार दिया है ,                                     

तेरा पूरा हक़ है हमपे,
तू मुझपे  नाराज भी हो,
गलतियों की मुझे सजा भी दो ,
पर  नाराजगी को  भी  तुम ,
जुबान से ही बयाँ करना,
मुझसे खफा होकर भी ,
फिर कभी यूँ  चुप न रहना  ,
कभी इतना इंतज़ार  न करवाना,
रूठने का सिलसिला इतना न बढे,
क़ि तेरे पास आने से पहले ,
हमारी जिंदगी  रूठकर,
हमसे, हमारा साथ छोड़ दे.

~deeps


Saturday, 10 September 2011

Intezaar..........

Source:Google images


प्यार  हैं  तुम्हारा, फिर भी एक सूनापन है. 
पाकर भी  तुम्हे , न पाने  का गम  है.
तुम्हे  देखेंगी कभी  तो  ये आँखें, 
इसी इंतज़ार में जाने कब  से  हम हैं.

जुदाई का अश्क हर पल पी रही हूँ ,
तेरी यादो  के सहारे ही जी रही हूँ.
तेरी एक  झलक पाने को दिल बेकरार है,
पर जाने कितना लम्बा ये इंतज़ार है.

Sunday, 28 August 2011

With you.......




With You....

Source :Google Images


With you.....
I forget all my pain and sorrow,
      No regrets, no worries of tomorrow. 
                        

With you….
All my Emotions are set free,
Like leaves falling down the tree.


With you.....
In  me, the lost child I found,
Who jumps and carelessly plays around.


With you...
I find the world by my side,
My feelings on a joyous ride.

With you......
Dreams soar high with eagle’s wings,
I start to admire even minute things.



With you....
The whole world appears new,
Grass more green ,sky more blue.

With you.....
I hear my inner voice,
My soul dancing in rejoice.



With you.....
Life gets a new meaning,
Feels like its worth living.

With you.....
The unforgettable moments spent, though few,
Brightens me up, like sunrays falling on drops of dew.

With you, I feel free,
With you, I am ME.




~deeps

Saturday, 27 August 2011

Tere saath

   तेरे साथ...........

कुछ  नगमे   हैं,
दिल  ने  कहा ,उन्हें 
तेरे  साथ  गुनगुना  लूँ  ......... 

कुछ सपने  हैं, 
दिल ने कहा, उन्हें
तेरी  आँखों से  देख  लूँ.........

कुछ मीठी  यादें  हैं, 
दिल ने कहा, उन्हें
 तेरे साथ  मुस्कुरालूँ .......

कुछ गुदगुदाते  किस्से  हैं ,
दिल ने कहा, उनपे
तेरे साथ   ठहाके  लगालूँ  ........

कुछ वक़्त की कमी-सी हैं,
दिल ने कहा ,कुछ पल  
तो   तेरे साथ बीता  लूँ..........

इन  साँसों  का  भरोसा  नही , कब  टूट  जाएँ ,
सोचां तेरे धडकनों   में  ही  मैं   जी  लूँ  .......



Wednesday, 24 August 2011

Kuch Shabd.......


Kuch Shabd………..

Kuch shabd…
Jaise saagar k god me uth rhe anant tarang,
Jaise dil k kisi kone  me pal rhe hazaaro umang..                                                                              

Kuch shabd…
Jaise tapti hui dhup me dharti ki pyaas,
Jaise man me kisi apne se milne ki aas.

Kuch shabd…
Jaise bagiyon me khilte phoolo ki mehak
Jaise subah ki lalima or chidiyon ki chehak..

Kuch shabd…
Jaise raatri k sannate ko todti ek aahat.
Jaise dard se keharte ko mile jab raahat

Kuch shabd…
Jaise pehli baarish k baad mitti ki sugandh,
Jaise ek pyari si kavita k kuch anmol chhand.

Kuch shabd…
Jaise navjeevan ki gunjati kilkaari
Adbhut ..madhur , komal or pyaari

Wo Kuch shabd…
 Jo aankhon me ek nayi chamak le aaye ,
Siharte adharon pe pyari si muskan de jaaye.

Kuch shabd…
 Jo bikhare the ab tak diary k panno me
jo unkahe ,hain ab tak bas is dil me.....

kehne h tumse wahi kuch shabd......

Tuesday, 23 August 2011

Shubh Aarambh

I m not promoting Dairy Milk here...even I had no intention to start my blog with this post .
Actually ,I created my blog yesterday only and wanted to post something on that last night...
but thanks to the SUSHASHAN that prevails in Bihar.(I will take up this matter later)...the
 light went while I my newly born blog was still undergoing some changes.
Same thing happened today ....I was totally irritated ..and I decided...to write this .I know 
nobody would find it worth reading..but still ...
To sum up there was no Shubh Aarambh for my blog(may be I should have had  a piece of dairy milk before I started)...........

 I forgot something ..I want to wish Happy Birthday to my very special friend Anjali Jaiswal ..It is eight years since we left school ,and I have not met her since then ..I hope we'll meet someday..
At last
 My dear krishna ji ....I have not forgotten you ..after all you are the supreme..embodiment of love.


Jai sri krishna.!
(this pic is dedicated to all my closed ones)
"I am in every religion as the thread through a string of pearls.
Wherever thou seest extraordinary holiness and extraordinary power raising and purifying humanity,know thou that I am there."Lord Krishna